मुंबई। आध्यात्मिक रचनाकार पंडित मुस्तफा आरिफ की ७५ वीं वर्षगाँठ पर आयोजित स्वागत समारोह में सुप्रसिद्ध फिल्म संवाद पटकथा लेखक और स्तंभकार श्री रुमी जाफरी ने कहा कि पंडित मुस्तफा दारा शिकोह की परंपरा को आगे बढ़ा रहें है। स्वागत समारोह का आयोजन राहेजा क्लासिक क्लब में मेटेक्सिल के पूर्व चैयरमैन श्री संजीव सरन ने किया था। इस अवसर पर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के महासचिव और राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री ब्रिजमोहन श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर श्री रूमी ने कहा कि दारा शिकोह एक विद्वान, दार्शनिक और सूफ़ी विचारक के रूप में प्रसिद्ध हुए। उनका मुख्य योगदान भारतीय और इस्लामी दर्शन के बीच सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास था। उन्होंने वेदांत और सूफ़ीवाद के बीच समानताएँ खोजने का प्रयास किया।
श्री रूमी ने कहा कि पंडित मुस्तफ़ा आरिफ भी कुरान और भागवद गीता के विचारो को जन जन तक पहुंचाने की उसी परंपरा का निर्वाह कर सांप्रदायिक समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहें है। दारा शिकोह एक प्रगतिशील विचारक थे, जिन्होंने धार्मिक सद्भाव और बौद्धिक समन्वय के लिए कार्य किया। आज भी उन्हें भारतीय सांस्कृतिक एकता का प्रतीक माना जाता है।
कार्यक्रम के आयोजक श्री संजीव सरन ने पंडित मुस्तफ़ा आरिफ का परिचय देते हुए, उन्हें ७५ वीं वर्षगाँठ पर बधाई दी। श्री सरन ने बताया कि पंडित मुस्तफा आरिफ सभी धर्मो का विशेषकर कर्म प्रधान धर्म ग्रंथो में रूचि रखते है। यहीं वजह है कि कुरान से प्रेरित १०००० पदो की ईश स्तुति के सफल लेखन के बाद अब आमजन की भाषा में भागवद गीता पर आधारित ७८६ पदो की ‘गीता भारती’ की रचना में संलग्न है। १९९२ के उज्जैन सिंहस्थ में अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने उन्हें पंडित और परशुराम श्री की उपाधि से विभूषित किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार श्री रमेश निर्मल, श्री एवं श्रीमती चंद्रकांत जोशी, श्री राजेश राठी, श्रीमती शैली सरन, श्रीमती बृजमोहन श्रीवास्तव, श्री आदित्य श्री वास्तव, श्रीमती रज़िया आरिफ, सुश्री फातेमा आरिफ, श्री पवन जाटवा आदि उपस्थित थे।
इस अवसर पर श्री संजीव सरन ने पंडित मुस्तफा आरिफ को हाल ही में बुकर सम्मान से सम्मानित लेखिका श्रीमती बानु मुश्ताक की पुस्तक Heart Lamp (selected stories) भेंट की। सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए पंडित मुस्तफा आरिफ ने आयोजक श्री संजीव का आभार व्यक्त किया।
<><><><>
परिचय रूमी जाफ़री
रुमी जाफरी एक प्रसिद्ध भारतीय फिल्म लेखक, निर्देशक और अभिनेता हैं जो बॉलीवुड उद्योग में काम करते हैं। उनका जन्म 1974 में भोपाल, मध्यप्रदेश, भारत में हुआ था। उन्होंने 50 से अधिक फिल्मों पर काम किया है, जिनमें “कुली नं. 1”, “मुझे कुछ कहना है”, और “छेहरे” जैसी उल्लेखनीय फिल्में शामिल हैं।
रुमी जाफरी के कुछ उल्लेखनीय कार्य हैं:
- निर्देशक:
- चेहरे (2021), एक रहस्य थ्रिलर फिल्म
- गली गली चोर है (2012)
- लाइफ पार्टनर (2009)
- गॉड तुस्सी ग्रेट हो (2008), जिसमें सलमान खान ने अभिनय किया था
- लेखक:
- कुली नं. 1 (1995)
- जुड़वा (1997)
- बड़े मियां छोटे मियां (1998)
- दुल्हन हम ले जाएंगे (2000)





