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ध्यप्रदेश के खण्डवा शहर में दस दिनी गणेशोत्सव धीरे – धीरे अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। गणपति बप्पा के भक्त अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए उनकी आराधना में कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं । इस बार खास बात यह नजर आ रही कि विघ्नहर्ता के बाल रूप की विशेष पूजा – अर्चना कर आराधना की जा रही है । क्या बच्चे क्या युवा और क्या महिलाएं सभी की अपने आराध्य के प्रति भक्ति चरम पर पहुँच रही है ।
शुभ महूर्त में सार्वजनिक पंडालों और घरों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं विराजित कर भक्त उनकी आराधना में लीन है । सुख शांति बुद्धि और समृद्धि की कामना पूर्ति के लिए घर घर मे बाल गणेश का विशेष पूजा – अर्चन किया जा रहा है । भक्ति भाव मे बच्चे और महिलाएं सबसे आगे है । आकर्षक साज – सज्जा के साथ बप्पा की विभिन्न आरतियां की जा रही है । इतना ही नहीं भगवान गणेश का उनको प्रिय फूलों से खास श्रृंगार किया जा रहा तो वहीं उनके पसंद के लड्डू और मोदक की विभिन्न वैरायटियो से उनका भोग लगाया जा रहा है । श्रद्धालु बप्पा को रिझाने के लिए नियमित विभिन्न पाठ भी कर रहे हैं ।
पहली पसंद रहे बाल गणेश
इस साल भगवान गणेश के बाल रूप की प्रतिमा बड़ी तादाद में आई थी । बप्पा की बिभिन्न भाव – भंगिमा वाली ये प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र रही । भक्तों ने इन्हें एक ही नजर में पसंद कर अपने घर ले जाने का फैसला कर लिया । खासकर बच्चों और मातृशक्ति की पहली पसंद ही बाल गणेश रहे । दस दिनी गणेशोत्सव की समापन बेला में इनकी आराधना और भक्ति चरम पर है ।
विभिन्न प्रकार के लडडू व मोदक की बिक्री बढ़ी
शहर के मिठाई विक्रेताओं ने बड़ी तादाद में लडडू और मोदक की वैराइटी बनाई है । भक्तो द्वारा भगवान गणेश को प्रिय लड्डू और मोदक की ज्यादा मांग है । इनकी ही बिक्री दिनों दिन बढ़ रही है । इसके अलावा श्री गणेश को भक्त छप्पन भोग भी लगा रहे हैं ।
गंगा – जमुनी तहजीब के शहर खण्डवा में सभी धार्मिक त्योहार परम्परागत ढंग से मनाए जाते है । साल दर साल की तरह इस बार भी गणेशोत्सव अपने चरम पर है । खण्डवा की उत्सवधर्मिता प्रदेश भर में जानी – पहचानी जाती है ।


